APPROACH GRAAM

Residential Project - Blue Print

Project Initiation from April 2019 and GRAM commencement from April 2020

अप्रोच ऑटिज्म सोसाइटी:

सोसाइटी की स्थापना का उद्देश्य क्या था?
हमारे बाद हमारे दिव्यांग बालकों की ज़िम्मेदारी कौन लेगा? इस प्रश्न से प्रेरित होकर इस सोसाइटी की स्थापना की गई थी। हम सब मिल कर इस चिंता का समाधान और इस प्रश्न का जवाब ढूँढ रहे हैं। कृपया ध्यान से निम्न लिखित संक्षिप्त प्रोजेक्ट प्रपोज़ल को पढ़ें व इस पर अपना सहयोग तथा सुझाव दें।

अप्रोच ऑटिज्म सोसाइटी ने अजमेर रोड पर पिंक पर्ल वाटर पार्क के सामने मंगलम ग्रांड सिटी में एक आवासीय प्रोजेक्ट की परिकल्पना की है। यहाँ 2-bedroom flats व plots उपलब्ध हैं। हम सब, अर्थात सोसाइटी के सदस्य अपनी आवश्यकतानुसार plots व flat ख़रीद रहे है। भविष्य में सोसाइटी भी वहाँ होस्टल तथा दिव्यांग जन के पुनर्वास हेतु plot अथवा flats लेगी।

वहाँ एक ऐसा eco system बनाने का प्रयास है जहाँ के निवासी परस्पर एक दूसरे का परिवार बनेंगे। हम बच्चों की तो फ़िक्र कर ही रहे हैं पर अपने बुढ़ापे की भी व्यवस्था देखनी ज़रूरी है। इस का जवाब भी इस प्रोजेक्ट में है। हम परिवार जन स्वयं के घर में अप्रोच ग्राम में रहेंगे। यहां पर उपलब्ध होने वाली सुविधाओं के बारे में समस्त जानकारी इस प्रपोजल के द्वारा साझा की जा रही है।

अप्रोच ग्राम एक ख़ुशी से चहकता बग़ीचा होगा जहाँ दिव्यांग जन व उनके परिवार के पुनर्वास तथा उन सब के जीवन पर्यन्त सुविधा व सुरक्षा से रहने की व्यवस्था की जाएगी। हर बच्चा पूरे ग्राम का बच्चा होगा। हर अभिभावक सभी बच्चों की अपने बच्चे की तरह देखभाल करेगा।

बच्चा care giver के साथ अपने ही मकान में रह सकता है। उसकी निगरानी संस्था करेगी। बच्चों के लिए foster parent की नियुक्ति की जा सकती है। अभिभावक अपनी वसीयत में बताएँगे की उनके मकान का क्या उपयोग होगा। अभिभावकों के ना रहने की स्थिति में दिव्यांग बालक आहान ग्राम द्वारा गोद लिया जाएगा। इस के लिए क़ानूनी कार्यवाही अभिभावक अपने जीवन काल में करेंगे।

जिन के बच्चे अभी छोटे है उनके परिवार को अनुभवी व professionally qualified अभिभावक guide करेंगे। 'mother and child' program अभी भी चल रहा है। जो बच्चे independent living with some assistance कर सकते है उन के लिए यह व्यवस्था ठीक है। वहाँ संस्था का घर तो होगा ही जहाँ हर बच्चा रहेगा। यह घर professionally managed होगा। यहाँ अभिभावकों की अनुपस्थिति में बच्चा रहेगा। बच्चों की special needs का ध्यान रखा जाएगा।

मेडिकल सुविधा तथा अन्य देखभाल की ज़िम्मेदारी सोसाइटी की होगी। इन की देखभाल सही हो रही है या नहीं यह देखने के लिए अभिभावक अपने परिवार जन या मित्र को नियुक्त कर सकते है।

इस के अलावा एक और महत्वपूर्ण मुद्दा हमारे अपने बुढ़ापे का है जिस का अप्रोच ग्राम में जवाब मिलेगा। जिस प्रकार हम दिव्यांग जन के लिये caregivers को ट्रेन करेंगे उसी प्रकार वृद्धावस्था की देखभाल के लिए भी geriatric care givers तैयार किए जाएँगे। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए multi speciality hospital से अनुबंध किया जाएगा। यदि स्वयं भोजन बनाना या घर की देखभाल करना मुश्किल हो जाए तो Catering व house keeping की सुविधाएं सोसाइटी उपलब्ध करवाएगी।

अप्रोच ग्राम में बच्चों की शादी, व companionship का भी विचार होगा। जो बच्चे open employment हासिल कर सकते हैं उनको नौकरी दिलवाई जाएगी। Sheltered workshops में सब के लिए उपयुक्त काम मुहैया होगा।

इस घर के सभी रहवासी पूरे ग्राम के अपने बच्चे ही होंगे। सारे त्योहार, जन्मदिन, पिकनिक या कोई भी उत्सव साथ मनाएँगे। शाम को साथ खेलेंगे। weekend पे पिक्चर साथ देखेंगे। restaurant में सब मिल कर खाना खाने जाएँगे।

घर का हर बालक अपनी योग्यता के अनुसार काम करेगा। फिर जब हम एक गाँव के वासी है तो अकेलापन भी नहीं रहेगा।

अप्रोच घर के बच्चों की देख भाल संस्था ठीक कर रही है इस की भी monitoring की जाएगी। इस कार्य हेतु स्वाधीन व अनुभवी नागरिकों का पैनल बनाया जाएगा जो नियमित निरीक्षण करेगा।

This is a unique concept and It's called assisted living! Come, join us for a tension free living!!




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